1971 की जंग पर बन रही है 'पिप्पा', ईशान खट्टर होंगे ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता के किरदार में
1971 की जंग पर बन रही है 'पिप्पा', ईशान खट्टर होंगे ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता के किरदार में https://ift.tt/39uOpUq -दिनेश ठाकुर खलील जिब्रान का कौल है, 'संगीत रूह की आवाज है। यह संघर्ष को खत्म कर शांति के दरवाजे खोलता है।' बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई के इतिहास में संगीत के कई किस्से दर्ज हैं। जब पूर्वी पाकिस्तान (जो बाद में बांग्लादेश बना) में बांग्ला भाषियों पर ढाए जा रहे जुल्मों को लेकर भारत और पाकिस्तान में ठनी हुई थी, न्यूयॉर्क के मेडिसन स्कवॉयर गार्डन में 1 अगस्त, 1971 को संगीत का ऐतिहासिक कंसर्ट हुआ। यूनिसेफ के इस आयोजन का मकसद युद्ध में बेघर हुए पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की मदद करना था। कंसर्ट में मशहूर रॉक बैंड बीटल्स के गायकों के अलावा सितार वादक पंडित रविशंकर और सरोद वादक उस्ताद अकबर अली खान ने पूर्वी पाकिस्तान की आजादी के समर्थन में सुर बुलंद किए। गीतों से खुफिया संदेश युद्ध के दौरान हेमंत कुमार और आरती मुखर्जी के कुछ बांग्ला गीत भी रेडियो पर खूब बजे। मनोरंजन के बजाय इन गीतों को बजाने का मकसद खुफिया संदेश देना था। मसलन आकाशवाणी के कोलकाता केंद्र से...